प्रो. दविंदरपाल सिंह भुल्लर की रिहाई के लिए सरकारों को राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत: बीबी नवनीत कौर

दिल्ली के सजा समीक्षा बोर्ड (SRB) द्वारा प्रो. दविंदरपाल सिंह भुल्लर की समय से पहले रिहाई की याचिका को एक बार फिर रद्द कर दिया गया है। इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए उनकी पत्नी, बीबी नवनीत कौर ने सरकारों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि विपक्ष में रहते हुए जो पार्टियां रिहाई की मांग करती हैं, सत्ता में आते ही उनमें आवश्यक “राजनीतिक इच्छाशक्ति” की कमी हो जाती है, जिसके चलते प्रो. भुल्लर की रिहाई नहीं हो पा रही है।

Prof Devinderpal Singh Bhullar with his wife Navneet Kaur (File Photo)

अमृतसर: 1995 से जेल में बंद बंदी सिंह प्रो. दविंदरपाल सिंह भुल्लर की समय से पहले रिहाई की याचिका को दिल्ली सरकार के सजा समीक्षा बोर्ड (SRB) द्वारा फिर से खारिज कर दिया गया है। इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रो. भुल्लर की पत्नी, बीबी नवनीत कौर ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि इस बार उनकी लंबी कैद को देखते हुए उन्हें रिहा कर दिया जाएगा।

Prof. Davinderpal Singh Bhullar
प्रो. दविंदर पाल सिंह भुल्लर | फ़ाइल तस्वीर

उन्होंने कहा कि प्रशासन ने एक बार फिर वही पुराना रुख अपनाया है और रिहाई की याचिका को रद्द कर दिया है। बीबी नवनीत कौर ने बताया कि प्रो. भुल्लर को समय-समय पर पैरोल मिलती रही है और हाल ही में नवंबर महीने में वे पैरोल पर घर भी आए थे।

उन्होंने सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रो. भुल्लर की रिहाई पूरी तरह से “राजनीतिक इच्छाशक्ति” पर निर्भर है। उन्होंने दुख जताया कि कोई भी राजनीतिक पार्टी सत्ता में आने के बाद उनकी रिहाई के लिए जरूरी इच्छाशक्ति नहीं दिखाती, जबकि विपक्ष में रहते हुए यही पार्टियां उनकी रिहाई की वकालत करती हैं।