लुधियाना: सिख धर्म की प्रचारक संस्था जवद्दी टकसाल में श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के 350वें गुरियाई दिवस (गुरुता गद्दी दिवस) को समर्पित तीन दिवसीय ‘विश्व पंजाबी सम्मेलन’ का आयोजन किया जा रहा है। यह भव्य कार्यक्रम 20, 21 और 22 फरवरी को आयोजित होगा।
इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए संत बाबा अमीर सिंह ने बताया कि इस सम्मेलन का उद्देश्य गुरु इतिहास और पंजाबी भाषा के प्रचार-प्रसार पर चर्चा करना है। इस समागम में देश और विदेश के प्रतिष्ठित विद्वान, धार्मिक हस्तियां और शिक्षाविद अपने शोध पत्र (Research Papers) प्रस्तुत करेंगे।
सम्मेलन में शामिल होने वाली प्रमुख हस्तियां: संत बाबा अमीर सिंह के अनुसार, इस सम्मेलन में निम्नलिखित प्रतिष्ठित व्यक्तित्व भाग लेंगे:
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धार्मिक क्षेत्र से: पद्म श्री बाबा सेवा सिंह (कार सेवा श्री खडूर साहिब), संत बाबा सेवा सिंह (रामपुर खेड़ा), संत बाबा गुरमीत सिंह (खोसा कोटला), संत बाबा तेजा सिंह (खुड्डा) और राज्यसभा सदस्य संत बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल।
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प्रशासनिक और शिक्षा जगत से: पूर्व राजदूत स. के.सी. सिंह, श्री गुरु ग्रंथ साहिब वर्ल्ड यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति प्रो. गुरनेक सिंह, वर्तमान कुलपति प्रो. परित पाल सिंह और पंजाब एंड सिंध बैंक के पूर्व चेयरमैन डॉ. चरण सिंह।
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विद्वान और लेखक: गुरचरण सिंह लांबा, गुरजतिंदर सिंह रंधावा, प्रो. बलवंत सिंह ढिल्लों, भूपिंदर सिंह बाजवा, मोता सिंह सराय, प्रो. सुखदेव सिंह सोहल, प्रो. रौणकी राम, प्रो. अंजू सूरी, प्रो. बलकार सिंह, प्रताप सिंह (निदेशक, गुरु नानक फाउंडेशन), डॉ. जसबीर सिंह सरना (जम्मू-कश्मीर), डॉ. आसा सिंह घुम्मण, डॉ. सरमोहब्बत सिंह रंधावा और डॉ. नबीला रहमान।
विदेशी प्रतिनिधि: सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विद्वान शामिल हो रहे हैं, जिनमें ऑस्ट्रेलिया से ज्ञानी संतोख सिंह व डॉ. हरजिंदर सिंह, कनाडा से एडवोकेट परमजीत सिंह गिल, अमेरिका (USA) से डॉ. जसबीर सिंह मान व कंवरपाल सिंह सूरी और मलेशिया से प्रिंसिपल संतोख सिंह शामिल हैं।
