अमृतसर: हाल के दिनों में ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (ए.आई.) तकनीक का गलत इस्तेमाल कर सिख धर्म, इतिहास और मर्यादा के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री और वीडियो इंटरनेट पर प्रसारित करने के मामले बढ़े हैं। इस गंभीर विषय का संज्ञान लेते हुए

ने तकनीकी स्तर पर इससे निपटने की तैयारी कर ली है। शिरोमणि कमेटी की अंतरिम समिति के फैसले के अनुसार, प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने इंटरनेट और ए.आई. क्षेत्र के विशेषज्ञों की एक 7-सदस्यीय ‘उप-समिति’ का गठन किया है।
समिति में देश-विदेश के विशेषज्ञ शामिल शिरोमणि कमेटी के सचिव प्रताप सिंह ने जानकारी दी कि इस उप-समिति में अमेरिका, ब्रिटेन और पंजाब के तकनीकी विशेषज्ञों को शामिल किया गया है, जो निम्नलिखित हैं:
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डॉ. हरजिंदर सिंह संधू (अमेरिका)
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हरमीत शाह सिंह (ब्रिटेन)
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डॉ. सरबजोत सिंह (ब्रिटेन)
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डॉ. सरप्रीत सिंह (श्री गुरु ग्रंथ साहिब वर्ल्ड यूनिवर्सिटी, श्री फतेहगढ़ साहिब)
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डॉ. गुरपाल सिंह (खालसा कॉलेज, पटियाला)
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डॉ. जगदीप सिंह मल्ही (गुरु नानक इंजीनियरिंग कॉलेज, लुधियाना)
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डॉ. सतिंदरपाल सिंह (गुरु नानक इंजीनियरिंग कॉलेज, लुधियाना)
इस उप-समिति के समन्वयक (Coordinator) की जिम्मेदारी शिरोमणि कमेटी के सिस्टम प्रशासक करमवीर सिंह निभाएंगे।
तकनीकी कंपनियों से साधा जाएगा संपर्क सचिव प्रताप सिंह ने बताया कि यह उप-समिति ए.आई. तकनीक के माध्यम से सिख धर्म के विरुद्ध सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे दुष्प्रचार को रोकने के लिए कार्य करेगी। समिति का मुख्य उद्देश्य ए.आई. तकनीक संचालित करने वाली प्रमुख कंपनियों के साथ संपर्क और समन्वय स्थापित करना है, ताकि भविष्य में ऐसी सामग्री के निर्माण और प्रसार पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
