सरी, कनाडा: वर्ल्ड सिख ऑर्गेनाइजेशन ऑफ कनाडा ने सरी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वरूपों से जुड़े हालिया मामले और सिख समुदाय के भीतर इस मुद्दे के सामने आने के तरीके को लेकर चिंता जताई है।
29 सितंबर 2026 को जारी बयान में संगठन ने कहा कि उसने श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय की ओर से जारी संदेश का अध्ययन किया है। संगठन ने इस बात का स्वागत किया कि घटना से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करने पर जोर दिया गया है। साथ ही ब्रिटिश कोलंबिया और कनाडा की सिख संगत से इस मामले को आपसी सम्मान, सद्भावना और एकता की भावना से देखने की अपील की गई है।
संगठन ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का सर्वोच्च सत्कार सिखों के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। स्वरूपों के परिवहन, संभाल या देखरेख से जुड़े किसी भी प्रश्न को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और सिख मर्यादा के अनुसार उसका समाधान किया जाना चाहिए।
संगठन के अनुसार इस घटनाक्रम से कुछ उचित प्रश्न सामने आए हैं, जिन पर गंभीर पंथक विचार-विमर्श की जरूरत है। इसमें यह प्रश्न भी शामिल है कि क्या श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वरूपों को समुद्री मार्ग से ले जाना उचित है और ऐसी यात्रा के दौरान सत्कार और मर्यादा के कौन से मानक लागू होने चाहिए।
इसके साथ ही संगठन ने कहा कि सरी में हुई इस विशेष घटना के बारे में चर्चा तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए।
सरी स्थित श्री गुरु सिंह सभा में हुई घटना का उल्लेख करते हुए संगठन ने कहा कि गुरुद्वारा समिति द्वारा दी गई जानकारी और घटना के वीडियो के अनुसार स्वरूपों को वीडियो में दिखाई गई गाड़ियों के अंदर नहीं रखा गया था और न ही उन्हें टोरंटो से लेने आए व्यक्तियों को सौंपा गया था।
संगठन ने कहा कि गुरुद्वारा प्रबंधकों ने यह स्वीकार किया है कि स्वरूपों को बाहर लाने से पहले गाड़ियों की जांच होनी चाहिए थी और इसे एक गलती माना गया है। हालांकि जब गाड़ियों की जांच की गई और उनमें उचित व्यवस्था नहीं पाई गई, तो स्वरूपों को वापस अंदर ले जाया गया।
वर्ल्ड सिख ऑर्गेनाइजेशन ने इस मामले से जुड़ी गलत और भ्रामक जानकारी के प्रसार पर भी चिंता जताई। संगठन ने कहा कि सत्कार और मर्यादा से जुड़े उचित प्रश्नों को खारिज नहीं किया जाना चाहिए और जहां गलतियां हुई हैं, उन्हें स्वीकार कर सुधारा जाना चाहिए। इसके साथ ही लगाए जाने वाले आरोप भी वास्तव में हुई घटना को सही रूप में दर्शाने वाले होने चाहिए।
संगठन ने कहा कि अतीत में भी श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी से जुड़े अत्यंत संवेदनशील मुद्दों का उपयोग कनाडा के सिखों के बीच विभाजन पैदा करने, उसे भड़काने या उसका लाभ उठाने की कोशिश करने वाली ताकतों द्वारा किया गया है।
संगठन ने सिख समुदाय से अपील की कि वह भावनाएं भड़काने, गलत जानकारी फैलाने या सत्कार से जुड़ी उचित चिंताओं को टकराव और विभाजन में बदलने के प्रयासों के प्रति सतर्क रहे।
वर्ल्ड सिख ऑर्गेनाइजेशन ने श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से जारी संदेश के अंतिम अनुच्छेद में दिए गए संदेश को भी दोहराया। इसमें ब्रिटिश कोलंबिया और कनाडा की सिख संगत से गुरु साहिब के प्रति सम्मान की भावना से चलने और गुरुद्वारा साहिब के प्रबंधकों के साथ मिलकर आपसी प्रेम, सद्भावना और एकता का वातावरण बनाने के लिए कहा गया है।
संगठन ने कहा कि यह मामला इसी भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए। प्रश्न पूछने, जवाबदेही तय करने और मौजूदा व्यवस्थाओं में सुधार के लिए स्थान होना चाहिए, लेकिन यह विचार-विमर्श संवाद और आपसी सम्मान के माध्यम से होना चाहिए।
संगठन ने सिख संस्थाओं, पंथक संगठनों और संगत से मिलकर कनाडा और उत्तरी अमेरिका में स्वरूपों के परिवहन और वितरण के लिए उचित मानक तय करने की अपील भी की है।
अपने बयान के अंत में संगठन ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के सत्कार के प्रति साझा प्रतिबद्धता पंथ के लिए एकता का स्रोत बननी चाहिए, न कि विभाजन का लाभ उठाने का अवसर।
