अमेरिका में शरणार्थियों के खिलाफ USCIS के नए नियम का विरोध: सिख कोएलिशन ने की एकजुट होने की अपील

सिख कोएलिशन ने अमेरिका में शरण मांगने वालों के लिए रोजगार (Work Permit) हासिल करना मुश्किल बनाने वाले होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) और USCIS के नए प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है। संगठन ने मानवाधिकारों की रक्षा के लिए समुदाय से 24 अप्रैल तक इस नियम के खिलाफ अपनी आवाज उठाने की अपील की है।

वाशिंगटन (23 अप्रैल, 2026) — सिख कोएलिशन (Sikh Coalition) ने देश भर में एक राष्ट्रव्यापी अपील जारी की है, जिसमें समुदाय और सहयोगियों से डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) और यू.एस. सिटीजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) द्वारा प्रस्तावित एक नए नियम के खिलाफ खड़े होने का आग्रह किया गया है। यह नया नियम अमेरिका में पनाह मांगने वाले मेहनती शरणार्थियों (Asylum Seekers) को निशाना बनाता है। मूल रूप से 21 अप्रैल को जारी की गई इस लिखित प्रेस विज्ञप्ति की एक प्रति ‘सिख सियासत न्यूज़’ के पास उपलब्ध है।

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सिख कोएलिशन (लोगो)

इस प्रस्तावित नियम का मुख्य उद्देश्य संयुक्त राज्य अमेरिका में शरण मांगने वाले व्यक्तियों पर गंभीर प्रशासनिक बाधाएं थोपना है, विशेष रूप से तब, जब उनके कानूनी आवेदन लंबित हों और वे रोजगार (Work Authorization) प्राप्त करने की कोशिश कर रहे हों। संगठन के बयान के अनुसार, “इसका अंतिम प्रभाव शरण के लिए आवेदन करना और आवेदन की प्रक्रिया के दौरान काम करना बहुत मुश्किल बना देना है।”

इस नीति के चौंकाने वाले और संभावित परिणामों पर प्रकाश डालते हुए, सिख कोएलिशन ने चेतावनी दी है कि, वर्तमान बैकलॉग (लंबित आवेदनों की संख्या) के आधार पर, “USCIS कुछ समय के लिए शरणार्थियों के लिए कोई भी नया वर्क परमिट जारी करना बंद कर देगा, और यह रोक 14 से 173 साल तक की हो सकती है।”

नागरिक अधिकार संगठन ने सिख प्रवासियों के लिए शरण प्रक्रिया के ऐतिहासिक और वर्तमान महत्व पर जोर दिया। विज्ञप्ति में कहा गया है, “सिख समुदाय शरण मांगने के अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार के मूल्य को प्रत्यक्ष रूप से जानता है।” यह याद दिलाते हुए कि सिखों ने किस तरह व्यवस्थित हिंसा और भेदभाव का सामना किया है, बयान में 1984 के सिख नरसंहार और उसके बाद पंजाब में ‘लापता होने के दशक’ (Decade of Disappearances) का हवाला दिया गया, जब कई सिखों ने संयुक्त राज्य अमेरिका में शरण ली थी।

ऐसी सुरक्षा की आवश्यकता आज भी उतनी ही जरूरी है। सिख कोएलिशन ने इस बात पर जोर दिया कि “आज भी, दिल्ली में सरकार की ओर से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले दमन (Transnational Repression) का खतरा उन सुरक्षा उपायों के महत्व को रेखांकित करता है जो संयुक्त राज्य अमेरिका सभी लोगों के निहित अधिकारों और स्वतंत्रता के लिए दे सकता है।”

संगठन ने चेतावनी दी है कि “गहरी वैश्विक अस्थिरता के समय” इस नियम को लागू करने से कमजोर आबादी बिना किसी सुरक्षा के रह जाएगी। इसलिए, संगठन तत्काल जनता से इसके विरोध में उतरने की मांग कर रहा है।

सिख कोएलिशन ने एक निःशुल्क एडवोकेसी टूल प्रदान किया है, जिससे व्यक्ति आसानी से इस शुक्रवार, 24 अप्रैल की समय सीमा से पहले नियम का विरोध करते हुए अपनी सार्वजनिक टिप्पणियां (Public Comments) दर्ज कर सकते हैं। हालांकि संगठन ने पहले से लिखा हुआ टेक्स्ट उपलब्ध कराया है, फिर भी वे उपयोगकर्ताओं को अपनी कहानियां साझा करके अपनी टिप्पणियों को व्यक्तिगत बनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।

सिख कोएलिशन ने पुष्टि की है कि वह स्वयं भी इस नियम के विरोध में अपनी औपचारिक सार्वजनिक टिप्पणी प्रस्तुत करेगा और जैसे-जैसे स्थिति विकसित होगी, समुदाय को अपडेट प्रदान करता रहेगा।