ऑस्ट्रिया से डिपोर्ट सिख युवक पानीपत जेल में NSA के तहत नजरबंद; वकील ने जताई सुरक्षा और कानूनी प्रक्रिया पर चिंता

ऑस्ट्रिया से हाल ही में डिपोर्ट किए गए सिख युवक हरदीप सिंह को हरियाणा की पानीपत जेल में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में रखा गया है। ‘पंजाब लॉयर्स’ के वकील जसपाल सिंह मंझपुर ने उनकी खराब सेहत, सुरक्षा को खतरे और कानूनी अनियमिताओं को लेकर सिख संस्थाओं व राज्य सरकार से कड़ा हस्तक्षेप करने की मांग की है।

पानीपत/चंडीगढ़ — ‘पंजाब लॉयर्स‘ के वकील जसपाल सिंह मंझपुर ने हरियाणा के पानीपत की जिला जेल में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत भाई हरदीप सिंह की निरंतर नजरबंदी के संबंध में एक तत्काल और अहम सार्वजनिक अपडेट जारी किया है।

Advocate Jaspal Singh Manjhpur [File Photo]
वकील जसपाल सिंह मंझपुर

दो दिन पहले जारी एक विस्तृत वीडियो बयान में, वकील जसपाल सिंह मंझपुर ने 20 मई 2026 को हरदीप सिंह के साथ अपनी हालिया मुलाकात की जानकारी साझा की। उन्होंने हरदीप सिंह के शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक स्थिति और उनके चल रहे कारावास से जुड़ी कानूनी अनियमितताओं के बारे में गंभीर चिंताएं व्यक्त की हैं।

पृष्ठभूमि और डिपोर्टेशन (निर्वासन)
वकील मंझपुर के अनुसार, सरदार निशान सिंह के बेटे और पानीपत के निवासी हरदीप सिंह सालों पहले वैध वीजा और पासपोर्ट पर ऑस्ट्रिया गए थे। हालांकि, वियना में उन्हें अन्य साथियों के साथ एक हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था। वहां उन्होंने 24 मई 2009 से 11 अप्रैल 2025 तक अपनी सजा काटी।

सजा पूरी होने के बाद, सिंह ने ऑस्ट्रिया में राजनीतिक शरण के लिए आवेदन किया था, जिसमें उन्होंने भारत लौटने पर अपनी जान को सीधा खतरा बताया था। उनकी प्रारंभिक याचिका खारिज कर दी गई थी, लेकिन कथित तौर पर 28 अगस्त 2025 को उन्हें सीधे एक ऑस्ट्रियाई निरोध केंद्र (डिटेंशन सेंटर) से डिपोर्ट कर दिया गया, जबकि उनके पास कानूनी अपील दायर करने के लिए तीन सप्ताह का समय बचा हुआ था।

नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर उनके पहुंचते ही, भारतीय अधिकारियों ने उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया और NSA के तहत पानीपत जेल भेज दिया।

कानूनी लड़ाई और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं
हरदीप सिंह के खिलाफ शुरुआती NSA नजरबंदी का आदेश अंततः पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में कार्यवाही के दौरान समाप्त और निष्प्रभावी हो गया था। लेकिन, स्थानीय अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में रखने के लिए तुरंत नया NSA आदेश जारी कर दिया। वर्तमान में उनके मामले की पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता सरदार पूरण सिंह हुंदल कर रहे हैं।

Bhai Hardeep Singh currently detained under the NSA at Panipat Jail.
भाई हरदीप सिंह

वकील मंझपुर ने इस बात पर जोर दिया कि हरदीप सिंह का पंजाब, हरियाणा या भारत के किसी भी हिस्से में कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड या लंबित मामला नहीं है। अधिकारियों ने हरदीप सिंह के खालिस्तान ज़िंदाबाद फोर्स (KZF) से जुड़े होने का आरोप लगाते हुए NSA के तहत उनकी हिरासत को उचित ठहराया है। वहीं, हरदीप सिंह ने इन आरोपों का कड़ाई से खंडन किया है और स्पष्ट किया है कि उनका इस संगठन से कोई संपर्क या संबंध नहीं है।

इसके अलावा, हरदीप सिंह ने जेल के अंदर अपनी जान और सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। बताया जा रहा है कि वह कई शारीरिक बीमारियों से पीड़ित हैं और उन्हें पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं, जिससे उनका मानसिक तनाव काफी बढ़ गया है।

सिख संस्थाओं और सरकार से अपील
अपनी ब्रीफिंग में, वकील जसपाल सिंह मंझपुर ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली मौजूदा हरियाणा सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने प्रशासन पर ऐसे निर्दोष सिख युवाओं को अनुचित रूप से निशाना बनाने का आरोप लगाया, जिनका कोई घरेलू आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।

मंझपुर ने प्रमुख सिख धार्मिक और राजनीतिक निकायों— जिनमें शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC), दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (DSGMC), हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (HSGMC) और तख्तों के जत्थेदार शामिल हैं— से हरदीप सिंह की रिहाई के लिए आवाज उठाने की व्यापक अपील की।

उन्होंने सिख प्रवासियों (डायस्पोरा) और स्थानीय समुदाय से अधिकारियों पर दबाव बनाने का आह्वान किया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सिंह अपने बुजुर्ग माता-पिता से फिर से मिल सकें। साथ ही उन्होंने लंबे समय से हिरासत में बंद सिख राजनीतिक कैदियों (बंदी सिंहों) की रिहाई के लिए भी व्यापक रूप से जोर देने की अपील की।