अमेरिका में सिख प्रतिनिधि की हत्या की साजिश: निखिल गुप्ता ने अदालत में जुर्म कबूला

निखिल गुप्ता ने अमेरिका में सिख प्रतिनिधि की हत्या की साजिश रचने का जुर्म कबूल कर लिया है। न्यूयॉर्क की अदालत में सुनवाई के दौरान गुप्ता ने स्वीकार किया कि उसने भारत सरकार के एक अधिकारी विकास यादव के साथ मिलकर एक लाख डॉलर में हत्या का सौदा किया था। इस मामले में उसे 9 मई 2026 को सजा सुनाई जाएगी, जिसमें उसे 40 वर्ष तक का कारावास हो सकता है।

gurpatwant-singh-pannun-and-Vikas-Yadav

न्यूयॉर्क: अमेरिका की धरती पर एक सिख प्रतिनिधि की हत्या की असफल योजना बनाने के मामले में बड़ी सूचना सामने आई है। इस प्रकरण के मुख्य आरोपी भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने अमेरिकी न्यायालय में अपना दोष स्वीकार कर लिया है।

Gurpatwant-Singh-Pannun
गुरपतवंत सिंह पन्नू

शुक्रवार, 13 फरवरी 2026 को हुई सुनवाई के दौरान गुप्ता ने माना कि उसने भारत सरकार के एक (पूर्व) अधिकारी विकास यादव के साथ मिलकर यह षड्यंत्र रचा था।

षड्यंत्र का विवरण

निखिल गुप्ता ने ‘सिख्स फार जस्टिस’ के विधिक सलाहकार गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या के लिए एक भाड़े के हत्यारे का प्रबंध करने का प्रयास किया था। परंतु जिस व्यक्ति से उसने संपर्क किया, वह अमेरिकी गुप्तचर संस्था का गुप्तचर निकला। जिस हत्यारे के माध्यम से निखिल गुप्ता यह हत्या करवाना चाहता था, वह वास्तव में अमेरिका सरकार का एक गुप्त अधिकारी था।

Indian Official Vikas Yadav who is charged with conspiracy to murder-for-hire and other charges in a US court on October 17, 2024
भारतीय अधिकारी विकास यादव
  • इस हत्या का सौदा एक लाख डॉलर में तय हुआ था।

  • इसमें से पंद्रह हजार डॉलर अग्रिम धन राशि के रूप में दिए गए थे।

बंदी बनाया जाना और वैधानिक प्रक्रिया

उल्लेखनीय है कि निखिल गुप्ता को 30 जून 2023 को चेक गणराज्य के प्राग से अमेरिकी अनुरोध पर स्थानीय पुलिस ने बंदी बनाया था और जून 2024 में उसे अमेरिका को सौंप दिया गया था। प्रारंभ में उसने आरोपों से मना किया था, परंतु अब उसने अपनी सहभागिता स्वीकार कर ली है।

संभावित दंड

न्यायालय द्वारा निखिल गुप्ता को आने वाली 9 मई 2026 को दंड सुनाया जाएगा। विधिक विशेषज्ञों के अनुसार, उसे कई दशकों का कारावास हो सकता है। दूसरी ओर, इस षड्यंत्र में सम्मिलित पूर्व भारतीय अधिकारी विकास यादव अभी भारत में है और अमेरिकी जाँच संस्था द्वारा वांछित है।

यह माना जा रहा है कि निखिल गुप्ता ने अपने विरुद्ध उपलब्ध ठोस और भारी साक्ष्यों के कारण अपना अपराध स्वीकार किया है। इससे इस चर्चित मामले की न्यायिक कार्यवाही संक्षिप्त हो गई है। निखिल गुप्ता को स्वीकार किए गए दोषों के लिए अधिकतम चालीस वर्ष का कारावास हो सकता है। दंड पर अंतिम निर्णय न्यायालय के न्यायाधीश द्वारा सुनाया जाएगा।