ओटावा, कनाडा: सिख फेडरेशन कनाडा ने अमेरिका में हुई एक बड़ी कानूनी कार्रवाई के बाद कनाडा सरकार से स्वतंत्र सार्वजनिक जांच करवाने और पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने की मांग की है।
अमेरिका के फेडरल अभियोजन पक्ष (सरकारी वकीलों) की ओर से हाल ही में बिश्नोई संगठित आपराधिक तंत्र, भगवानपुरिया संगठित आपराधिक तंत्र और ढांडा आपराधिक तंत्र से जुड़े 37 व्यक्तियों के खिलाफ आरोप-पत्र सार्वजनिक किए गए हैं। इन आरोपों में सीमाओं के पार दबाव बनाने, जबरन वसूली और उत्तरी अमेरिका में निशाना बनाकर हत्याएं करने जैसे गंभीर मामले शामिल हैं।
अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा की गई इस जांच, जिसे “ऑपरेशन हार्ड बॉल” नाम दिया गया है, के तहत अमेरिका, कनाडा और यूरोप में करीब दो दर्जन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है।
अमेरिकी फेडरल अभियोजन पक्ष के अनुसार भारत की जेल में बंद बिश्नोई आपराधिक गिरोह के प्रमुख लॉरेंस बिश्नोई और उत्तरी अमेरिका में उसके सहयोगी गोल्डी बराड़ पर जून 2023 में सरी (ब्रिटिश कोलंबिया) स्थित एक गुरुद्वारा साहिब के बाहर प्रमुख सिख नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के आदेश देने के आरोप लगाए गए हैं।

अमेरिकी जांच से जुड़ी सामने आई रिपोर्टों में भगवानपुरिया आपराधिक नेटवर्क के कुछ सदस्यों और भारतीय सुरक्षा तंत्र, जिसमें पंजाब पुलिस से जुड़े व्यक्तियों के नाम भी सामने आए हैं, के बीच कथित संबंधों की ओर इशारा किया गया है।
सिख फेडरेशन कनाडा ने कहा कि ये नए खुलासे अक्टूबर 2024 में रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आर.सी.एम.पी.) द्वारा सामने रखी गई जानकारियों को और मजबूत करते हैं। आर.सी.एम.पी. ने पहले कहा था कि भारत सरकार से जुड़े तत्वों द्वारा संगठित आपराधिक गिरोहों का इस्तेमाल करके कनाडा में खालिस्तान समर्थक कार्यकर्ताओं और सिख समुदाय के सदस्यों को निशाना बनाने की गतिविधियां की जा रही थीं।
इस अंतरराष्ट्रीय स्तर की कार्रवाई के बाद सिख फेडरेशन कनाडा ने कनाडा सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की है। संगठन ने कहा कि कनाडा के अंदर विदेशी सरकारी हस्तक्षेप की सीमा और इससे जुड़ी जानकारियां जनता के सामने आनी चाहिए। इसके साथ ही संसद में चल रही विदेशी हस्तक्षेप संबंधी जांच का दायरा बढ़ाने और भाई हरदीप सिंह निज्जर की हत्या सहित अन्य हिंसक कार्रवाइयों को लेकर अलग स्वतंत्र सार्वजनिक जांच शुरू करने की मांग की गई है।
सिख फेडरेशन कनाडा के राष्ट्रीय प्रवक्ता भाई मनिंदर सिंह ने कहा कि न्याय केवल हमले करने वालों या सीधे तौर पर शामिल व्यक्तियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को यह जानने का अधिकार है कि इन कार्रवाइयों के पीछे पूरा ढांचा कैसे काम कर रहा था और इसमें कौन-कौन शामिल था।
भाई मनिंदर सिंह ने कहा कि यदि जांच के दौरान उच्च स्तरीय भारतीय अधिकारियों, पंजाब पुलिस या अन्य सरकारी एजेंसियों की कनाडा के अंदर आपराधिक गतिविधियों को दिशा देने, सहायता करने या समर्थन देने में भूमिका साबित होती है तो उनके खिलाफ कानूनी, कूटनीतिक और नीतिगत स्तर पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच को सबूतों के आधार पर आगे बढ़ना चाहिए, चाहे वे किसी भी दिशा में ले जाएं।
