सिख कोएलिशन ने मतदान अधिकारों और अप्रवासी ट्रक ड्राइवरों की रक्षा के लिए अभियान शुरू किया

वाशिंगटन डी.सी. में सिख नागरिक अधिकार संगठन ‘सिख कोएलिशन’ ने अल्पसंख्यकों के मतदान अधिकारों और अप्रवासी ट्रक ड्राइवरों की आजीविका को बचाने के लिए एक अहम अभियान शुरू किया है। संगठन ने अमेरिकी कांग्रेस में पेश किए गए दो विवादित बिलों—’सेव अमेरिका एक्ट’ और ‘दलीलाह लॉ’—का कड़ा विरोध करते हुए समुदाय से एकजुट होने की अपील की है।

वाशिंगटन, डी.सी. — सिख कोएलिशन ने देशभर के समुदाय के सदस्यों से एक राष्ट्रव्यापी अपील की है कि वे अल्पसंख्यक मतदान अधिकारों और अप्रवासी ट्रक ड्राइवरों की आजीविका की रक्षा के लिए अपने अमेरिकी कांग्रेस के सदस्यों से संपर्क करें। सिख सियासत न्यूज़ (एसएसएन) को दिए गए एक लिखित बयान के अनुसार, यह नागरिक अधिकार संगठन वर्तमान में अमेरिकी कांग्रेस में पेश किए गए दो विवादित कानूनों: ‘सेव अमेरिका एक्ट’ और ‘दलीलाह लॉ’ के खिलाफ कड़ा विरोध जता रहा है और लोगों को लामबंद कर रहा है।

‘सेव अमेरिका एक्ट’ का विरोध

लोकतांत्रिक भागीदारी के लिए पैदा हुए तत्काल खतरे को उजागर करते हुए, सिख कोएलिशन ने हाल ही में ‘हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स’ (प्रतिनिधि सभा) में 218-213 के मामूली अंतर से पारित हुए ‘सेव अमेरिका एक्ट’ के प्रति चेतावनी जारी की है।

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सिख कोएलिशन (लोगो)

इस बिल की मुख्य बातें और आपत्तियां:

  • कड़े नियम: यह बिल मतदाता पंजीकरण और नवीनीकरण के लिए व्यक्तिगत रूप से नागरिकता का दस्तावेजी प्रमाण (जैसे फोटो आईडी के साथ पासपोर्ट या जन्म प्रमाण पत्र) अनिवार्य करता है।

  • ऑनलाइन पंजीकरण पर रोक: अगर यह कानून लागू होता है, तो यह ऑनलाइन और मेल-इन (डाक द्वारा) मतदाता पंजीकरण को पूरी तरह समाप्त कर देगा।

  • सख्त जांच: यह मतदान केंद्रों पर सख्त फोटो आईडी की आवश्यकता पेश करता है और राज्यों से मांग करता है कि वे सत्यापन के लिए अपनी मतदाता जानकारी ‘डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी’ को सौंपें।

संगठन ने इस बात पर जोर दिया कि यह नौकरशाही “लालफीताशाही” सिख समुदाय के लिए उनके पारंपरिक नामकरण नियमों के कारण एक गंभीर खतरा पैदा करती है:

“हमारे समुदाय के सदस्यों के पहचान दस्तावेजों में नामों का मेल न खाना कोई असामान्य बात नहीं है, जहां ‘कौर’ या ‘सिंह’ किसी एक दस्तावेज में ‘लास्ट नेम’ (अंतिम नाम) के रूप में दर्ज होता है, और दूसरे दस्तावेज में ‘मिडिल नेम’ (मध्य नाम) के रूप में।”

संगठन चेतावनी देता है कि इस बिल के तहत, ये विसंगतियां सिखों को उनके मतदान के अधिकार से वंचित कर सकती हैं। इसके अलावा, यह उन लाखों अमेरिकियों को भी प्रभावित करेगा जिन्होंने शादी के बाद अपना ‘सरनेम’ (उपनाम) बदला है, साथ ही अश्वेत और कम आय वाले मतदाताओं को भी जिनके पास अक्सर ऐसे दस्तावेजों तक आसान पहुंच नहीं होती।

‘दलीलाह लॉ’ के खिलाफ लड़ाई

कमर्शियल ट्रांसपोर्ट (वाणिज्यिक परिवहन) उद्योग की ओर ध्यान दिलाते हुए, सिख कोएलिशन ‘दलीलाह लॉ’ (एच.आर.7793 / एस.3917) का भी विरोध कर रहा है। हालांकि इस बिल को सार्वजनिक रूप से बिना दस्तावेज वाले अप्रवासियों को ‘कमर्शियल ड्राइवर्स लाइसेंस’ (सीडीएल) रखने से रोकने के उपाय के रूप में पेश किया गया था, लेकिन संगठन स्पष्ट करता है कि संघीय और राज्य कानून पहले से ही इसकी मनाही करते हैं।

बिल का असली प्रभाव:

  • वैध अप्रवासियों को निशाना बनाना: संगठन की चेतावनी है कि यह बिल कानूनी रूप से अधिकृत अप्रवासियों को असंगत रूप से निशाना बनाता है।

  • लाइसेंस रद्द होना: यह बिल मनमाने ढंग से उन लगभग 200,000 व्यक्तियों के सीडीएल रद्द कर देगा जो संयुक्त राज्य अमेरिका में काम करने के लिए कानूनी रूप से अधिकृत हैं।

  • भाषा का जुर्माना: यह पूर्वव्यापी प्रभाव से उन ड्राइवरों को दंडित करेगा जिन्होंने अंग्रेजी के अलावा किसी अन्य भाषा में अपना लाइसेंस टेस्ट कानूनी रूप से पास किया था।

संगठन ने कड़े शब्दों में कहा, “सिख कोएलिशन का मानना है कि मेहनती और नियमों का पालन करने वाले ट्रक ड्राइवरों को केवल इसलिए दंडित करना क्योंकि वे अप्रवासी हैं, गलत है, और उनकी विरासत के कारण उन्हें बदनाम करना शर्मनाक है।”

कार्रवाई की अपील

सिख कोएलिशन संगत (समुदाय) से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेकर “निडर होकर अपने विश्वास का पालन करने” का आग्रह कर रहा है। संगठन ने नागरिकों की मदद के लिए मुफ्त टूल के साथ एक ऑनलाइन ‘एक्शन हब’ स्थापित किया है, ताकि वे सीधे अपने सीनेटरों और प्रतिनिधियों से संपर्क कर सकें और उनसे ‘सेव अमेरिका एक्ट’ और ‘दलीलाह लॉ’ दोनों के खिलाफ वोट करने की अपील कर सकें।

Sikh Coalition Launches Campaign to Protect Voting Rights and Immigrant Truckers