नयी पुस्कत ‘कौरनामा-3’ पुस्तक जारी

तरनतारन के गांव पंजवड़ में चीफ खालिस्तान कमांडो फोर्स के नेता शहीद भाई परमजीत सिंह पंजवड़ की याद में तीसरा शहीदी समागम आयोजित किया गया। इस पंथक एकत्रता के दौरान श्री दरबार साहिब में शहीद हुई बीबियों की गाथा बयां करती पुस्तक ‘कौरनामा-3’ संगत को समर्पित की गई।

झबाल/पंजवड़: गांव पंजवड़ के गुरुद्वारा शहीद सिंघां में भाई परमजीत सिंह का शहीदी समागम बड़ी श्रद्धा के साथ आयोजित किया गया। श्री अखंड पाठ साहिब के भोग के उपरांत सजाए गए धार्मिक दीवानों में विभिन्न पंथक नेताओं ने हाजिरी भरी और भाई परमजीत सिंह के सपने के अनुसार खालसा राज की प्राप्ति तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

इस समागम के दौरान तीसरे घल्लूघारे (जून ’84) के दौरान श्री दरबार साहिब में शहीद हुई बीबियों की गाथा बयां करती पुस्तक ‘कौरनामा-3’ (लेखक बलजिंदर सिंह कोटभारा) जारी की गई। यह ऐतिहासिक दस्तावेज शहीदों की वारिस बीबियों द्वारा संगत के सामने पेश किया गया। पुस्तक विमोचन के अवसर पर शहीद भाई गुरमेज सिंह बब्बर की बहन मनजीत कौर, शहीद भाई मुख्तियार सिंह की पत्नी बीबी सुरिंदर कौर, और शहीद भाई बलजीत सिंह की पत्नी बीबी कश्मीर कौर सहित कई अन्य शहीद परिवारों की बीबियां विशेष रूप से मौजूद थीं।

Bhai Narein Singh Chaura During Bhai Paramjit Singh Panjwar 3rd Shaheedi Samagam at vill Panjwar
भाई नारायण सिंह चौड़ा

जत्था पंच प्रधानी के नेता भाई नारायण सिंह चौड़ा ने संगत को संबोधित करते हुए कहा कि मौजूदा संघर्ष हलीमी खालसा राज की स्थापना तक जारी रहेगा। उन्होंने स्टेट और मीडिया द्वारा शहीदों की जा रही चरित्र हत्या (किरदारकुशी) की कड़ी निंदा की। वहीं, समागम के प्रबंधक बाबा हरदीप सिंह मेहराज ने सोशल मीडिया पर खाड़कू लहर के बारे में फैलाई जा रही भ्रामक और गलत जानकारी को तुरंत बंद करने की अपील की।

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संगतों को संबोधित करते हुए बाबा हरदीप सिंह मेहराज और स. परमजीत सिंह मंड

दल खालसा के कार्यकारी अध्यक्ष भाई परमजीत सिंह मंड ने सिख कौम के युवाओं से अपील की कि वे गायकों या सिनेमा के अभिनेताओं को अपना हीरो न मानें। उन्होंने कहा कि हमारे असली हीरो वो जुझारू सिंह हैं जिन्होंने अपनी कौम के लिए कुर्बानियां दी हैं।

इसके साथ ही तिहाड़ जेल में बंद भाई जगतार सिंह तारा और भाई परमजीत सिंह भ्योरा ने अपना संदेश भेजा। उन्होंने कहा कि शहीद भाई परमजीत सिंह पंजवड़ का एक खाड़कू योद्धा के रूप में अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ रहना, कौम के लिए सच्ची सेवा भावना का प्रतीक है।

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समागम के दौरान संगतों को संबोधित करते हुए सिख नेता

इस मौके पर बाबा बख्शीश सिंह, जसकरन सिंह काहन सिंह वाला (अकाली दल वारिस पंजाब), बलविंदर सिंह झबाल आदि ने भी अपने विचार रखे। दीवान में कविश्री जत्था देसा सिंह सभरा और निशान सिंह झबाल द्वारा वीर रसी वारों का गायन किया गया।

इस अवसर पर शहीद भाई पंजवड़ के भाई और समागम के प्रबंधक भाई बलदेव सिंह फौजी भाऊ पंजवड़, भाई अमरजीत सिंह पंजवड़, भाई गुरभाग सिंह मालूवाल, पंथक नेता बाबा हरदीप सिंह मेहराज, भाई राजिंदर सिंह मुगलावाला, भाई सतनाम सिंह खंडा, भाई सतनाम सिंह झंजियां, भाई परमजीत सिंह मालूवाल, भाई हरविंदर सिंह हरमोया, हरपाल सिंह बलेर, भाई बलदीप सिंह बद्धनी कलां, और अमरजीत सिंह डाला सहित कई प्रमुख शख्सियतें उपस्थित थीं। मंच संचालन की जिम्मेदारी भाई राम सिंह ढिपाली ने बखूबी निभाई, जबकि भाई सतनाम सिंह खंडा ने आई हुई संगतों का धन्यवाद किया।

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